हरदोई: महिला लेखपाल ने एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप, जातिसूचक टिप्पणी और अभद्र व्यवहार का दावा

हरदोई: महिला लेखपाल ने एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप, जातिसूचक टिप्पणी और अभद्र व्यवहार का दावा

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील में तैनात एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा पर एक महिला लेखपाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाकर जातिसूचक टिप्पणी की, अभद्र एवं आपत्तिजनक बातें कीं और विरोध करने पर निलंबित कराने की धमकी दी।

महिला लेखपाल के अनुसार, उनकी आंखों में समस्या होने के कारण उन्होंने एसडीएम से अनुरोध किया था कि उन्हें चैंबर के कार्य के बजाय फील्ड का कार्य दिया जाए। आरोप है कि इसी अनुरोध के बाद एसडीएम ने उन्हें अपने चैंबर में बुलाया और बातचीत के दौरान सबसे पहले उनकी जाति पूछी। महिला का दावा है कि जब उन्होंने स्वयं को अनुसूचित जाति का बताया, तो उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।

महिला का आरोप है कि इसके बाद एसडीएम ने उनके साथ आपत्तिजनक और अशोभनीय बातें कीं तथा चैंबर में ही काम करने का दबाव बनाया। जब महिला ने अपनी आंखों की समस्या का हवाला देते हुए असमर्थता जताई, तो कथित रूप से एसडीएम ने अनुचित टिप्पणी की। महिला का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें सस्पेंड कराने, नौकरी से हटवाने और वापस वहीं भेज देने की धमकी दी गई जहां से वे आई थीं।

घटना के बाद महिला लेखपाल ने अपने पिता को फोन कर बुलाया। महिला के पिता का आरोप है कि वह दो अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय एसडीएम ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उनका कहना है कि यदि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव नहीं किया होता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। महिला के पिता ने यह भी बताया कि वह हृदय रोगी हैं और उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है।

इस मामले को लेकर महिला लेखपाल ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। उधर, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा का पक्ष इस समाचार के लिखे जाने तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा का नाम एक अन्य विवाद में सामने आ चुका है। परियल गांव में एक जांच के दौरान ग्रामीणों द्वारा कथित पथराव की घटना में उनके घायल होने की भी चर्चा रही थी।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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