बदायूं। बरेली–कासगंज रेलमार्ग पर सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब कासगंज से बरेली जा रही पैसेंजर ट्रेन संख्या 55328 के इंजन में अचानक आग लग गई। इंजन की वायरिंग से धुआं और आग की लपटें उठती देख लोको पायलट ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए मालगांव रेलवे फाटक से लगभग 200 मीटर पहले इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी और कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही बिनावर थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। शुरुआती प्रयास रेलवे कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने के लिए किए, लेकिन आग बढ़ने पर दमकल विभाग को बुलाना पड़ा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
घटना के दौरान इंजन से धुआं और आग की लपटें उठती देख ट्रेन में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि लोको पायलट की सूझबूझ और समय पर राहत दल के पहुंचने से कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे के गाड़ी प्रबंधक पीयूष कुमार वर्मा ने बताया कि आग लगने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ट्रेन को आगे रवाना करने के लिए दूसरे इंजन की व्यवस्था की गई।
इस घटना के कारण बरेली–कासगंज रेलमार्ग पर करीब दो घंटे तक रेल संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान कई ट्रेनों को बदायूं, कछला ब्रिज, घटपुरी और कासगंज स्टेशनों पर रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वैकल्पिक इंजन उपलब्ध होने के बाद ही ट्रेन को सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के कारणों की पुष्टि
होगी।








