सामुदायिक शौचालय पर भूसा-कंडों का कब्जा, स्वच्छता अभियान की खुली पोल लाखों की लागत से बना शौचालय बना स्टोर रूम, ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

  • राजेन्द्र सिंह पत्रकार कासगंज

कासगंज। जनपद के विकासखंड सोरों की ग्राम पंचायत पंचगवां के नगला ढक में सामुदायिक शौचालय की बदहाली ने शासन के स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। जिस सामुदायिक शौचालय का निर्माण ग्रामीणों को स्वच्छता की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, वह आज देखरेख के अभाव में भूसा, कंडे और जंगली घास-फूस के बीच घिरा नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि शौचालय का मुख्य द्वार तक भूसा और उपलों से घिरा हुआ है।

 

शौचालय बना भूसा-कंडों का गोदाम

 

सामने आई तस्वीर में शौचालय के चारों ओर और मुख्य द्वार के पास बड़े पैमाने पर भूसा और कंडे रखे दिखाई दे रहे हैं। परिसर में जंगली घास-फूस और लताएं भी फैली हुई हैं। शौचालय की मौजूदा स्थिति देखकर सवाल उठता है कि जब सार्वजनिक सुविधा के लिए बनाए गए भवन का उपयोग ही नहीं हो पा रहा, तो उसकी देखरेख की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है?

 

ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका पर सवाल

 

शौचालय की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव पंकज कुमार और संबंधित जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन खर्च कर बनाई गई सार्वजनिक सुविधाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका नियमित रखरखाव हो और ग्रामीणों को उनका लाभ मिले।

 

जांच हो, जिम्मेदारी तय हो

 

ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सामुदायिक शौचालय परिसर को भूसे, कंडों और गंदगी से मुक्त कराने तथा जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि संबंधित अधिकारी इस बदहाली का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे या स्वच्छता के नाम पर बनी यह सुविधा यूं ही उपेक्षा का शिकार बनी रहेगी?

 

फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

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