इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने पर रोक
लखनऊ/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने कहा कि पंचायतों का कार्यकाल संविधान के अनुसार केवल पांच वर्ष का होता है और बिना चुनाव कराए कार्यकाल बढ़ाना या प्रधानों को प्रशासक बनाए रखना संविधान के अनुरूप नहीं है। �
Live Hindustan +1
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव कराने की समय-सीमा और ओबीसी आरक्षण संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। �
NDTV India +1
मुख्य बातें:
ग्राम प्रधानों को प्रशास
क बनाने









