- नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन में शामिल छात्रों का आरोप है कि हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ थी और इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय पर है। कई विपक्षी नेताओं और संगठनों ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह से इस्तीफे की मांग उठाई है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और चुनावी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ईवीएम को लेकर भी आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक या न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और सरकार तथा चुनाव आयोग समय-समय पर ईवीएम की सुरक्षा और पारदर्शिता पर भरोसा जताते रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह छात्र आंदोलन लगातार व्यापक जनसमर्थन हासिल करता है, तो इससे केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इन मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हाल के दिनों में छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है तथा विभिन्न विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं।
फिलहाल जंतर-मंतर पर स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि आगे की रणनीति को लेकर छात्र संगठनों की बैठकों का दौर जारी
है।









