नई दिल्ली, 21 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को प्रदर्शनकारियों का आंदोलन उस समय उग्र हो गया, जब बड़ी संख्या में लोग संसद की ओर मार्च करने लगे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी, लेकिन भीड़ के आगे बढ़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई प्रदर्शनकारी घायल होने की खबरें सामने आईं। पुलिस ने अनेक लोगों को हिरासत में भी लिया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संसद क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।
घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया था और सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया गया।
इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। राजधानी में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही
है।









