अखलेश यादव का बङा ब्यान, भाजपा एक और जुमला कर रही है महिलाओं के साथ,20000 हजार का लालच,जो पूरी तरह धोका है,भाजपा पैसे से चुनाव जीतना चहाती है और कुछ नहीं बचा है अब भाजपा के पास। मनरेंगा सोशल ऑडिट का होगा प्रशिक्षण,-कासगंज मे नव चयनित सदस्यों को 15 अगस्त 19 अगस्त तक मिलेगा प्रशिक्षण व जीजा काजू वाली बर्फी नहीं लाया तो साले ने की पिटाई हताश जीजा हुआ जख्मी। आकाश आनंद ने हाथरस रैली में भाजपा पर साधा निशाना, अखिलेश-राहुल पर भी किया तंज मेरठ में कांवड़ियों पर बरसे फूल, CM योगी ने किया शिवभक्तों का स्वागत मेरठ। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच मेरठ में बस की चपेट में आने से बच्ची की मौत: कासगंज में मां के साथ शौच जा रही थी, चालक हिरासत में

अखलेश यादव का बङा ब्यान, भाजपा एक और जुमला कर रही है महिलाओं के साथ,20000 हजार का लालच,जो पूरी तरह धोका है,भाजपा पैसे से चुनाव जीतना चहाती है और कुछ नहीं बचा है अब भाजपा के पास।

समाचार : भाजपा का एक और जुमला यूपी की महिलाओं को देंगे 20000

 

विचार : भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा है। वो भी भाजपा की पाप की कमाई है, जिसे उप्र की धार्मिक महिलाएँ कभी नहीं लेंगी। उप्र की जागरूक महिलाएं पूछ रही हैं जिन दूसरे राज्यों में महिलाओं को पैसे देने की घोषणा करके चुनाव जीता था, वहाँ एक तरफ़ तो देने से आनाकानी कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ पैसे वापस माँग रहे हैं, और जो लौटा नहीं पा रही हैं, उन महिलाओं पर भाजपा थाने-कचहरी, पुलिस-मुक़दमे की निंदनीय कार्रवाई कर रही है।

 

देखा जाए तो आज जिस 50000 रुपये सालाना पैसे देने की बात भाजपा सरकार कर रही है वो पैसे पिछले 10 साल में भी दे सकती थी, पर दिया नहीं। मुख्यमंत्री जी ने उप्र की महिलाओं के हक़-अधिकार के हजारों करोड़ रुपये अपने प्रचार पर ख़र्च करके सबको ठेंगा दिखा दिया।

 

50 हज़ार रुपये हर साल के हिसाब से भाजपा की भ्रष्ट सरकार पिछले 10 साल में महिलाओं के हिस्से का 5 लाख रुपया खा गई और अब केवल 20 हज़ार देने का जुमला परोस रही है। 20 हज़ार रुपया तो 5 लाख रुपये का केवल 4% हुआ, इसका मतलब ये भाजपाई महिलाओं के हक़ का 96% डकार गये। 80:20 की बात करनेवालों ने तो 96:4 करके भ्रष्टाचार का सुपर रिकॉर्ड बना दिया।

 

अगर जुमले वाले 15 लाख रुपये छोड़ भी दें और भाजपा चुनाव में लड़ता दिखने के लिए 20 हज़ार दे भी दे, तो भी जनता का भाजपा सरकार पर 4,80,000 रुपये का बकाया निकलता है।

 

जनाक्रोश के डर से आज भाजपा के नेता, संगी-साथी, कार्यकर्ता, समर्थक, झंडे-बैनर सब डर के मारे भूमिगत हो गये हैं। यहाँ तक कि भाजपा से अब कोई टिकट भी नहीं लेना चाहता है। मंदिर में चोरी और बच्चों पर हमले के बाद भाजपा के पास न तो नैतिकता बची, न साहस इसीलिए वो पैसे का सहारा ले रहे हैं।

 

हम 40000 से करेंगे शुरुआत

जिसमें ‘बढ़ोतरी’ होगी हर साल!

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