जनपद कासगंज मे बौद्ध भव्य समारोह,सपा प्रत्याशी ने फीता काटकर कार्यक्रम का किया शुभारंभ।

.गौरवकुमार गौतम

सिद्धनगर में बौद्ध विचारधारा और बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों पर हुई चर्चा, राम नरेश बोले—शिक्षा ही समाज के उत्थान का सबसे बड़ा माध्यम

कासगंज। जनपद कासगंज के गंजडुंडवारा ब्लॉक के ग्राम सिद्धनगर में कई दिनों से चल रहे बौद्ध कथा एवं बौद्ध नाटक के भव्य आयोजन के अंतिम दिन 26 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राम नरेश ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बौद्ध विचारधारा और भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपनाने का आह्वान करते हुए शिक्षा को समाज की उन्नति का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया।

समारोह के दौरान राम नरेश ने बाबा साहेब अंबेडकर के संघर्ष, उनके विचारों और समाज को दिए गए योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने वंचित और पिछड़े वर्गों को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ शिक्षा और समानता का मार्ग दिखाया। उनके विचारों पर चलकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।

‘बाबा साहेब अंबेडकर के विचार ही हमारा सही मार्ग’

अपने संबोधन में राम नरेश ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का योगदान समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि बाबा साहेब नहीं होते, तो शायद आज समाज के अनेक लोगों की स्थिति अलग होती। आज लोगों को जो अधिकार और अवसर मिले हैं, उनमें बाबा साहेब के संघर्ष और विचारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने बाबा साहेब को अपना आदर्श बताते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की। साथ ही कहा कि समाज में जागरूकता, समानता और सम्मान स्थापित करने के लिए अंबेडकर के विचारों को जीवन में अपनाना आवश्यक है।

बच्चों की शिक्षा पर दिया जोर, बोले—शिक्षा से ही होगा समाज का उद्धार

राम नरेश ने अपने संबोधन में बच्चों की शिक्षा को विशेष महत्व दिया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पढ़ाएं। उनके अनुसार, शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने अधिकारों को समझ सकता है और समाज तथा देश की प्रगति में योगदान दे सकता है।

उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। बाबा साहेब अंबेडकर ने शिक्षा के महत्व को समझाते हुए लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी थी। इसलिए उनके विचारों को अपनाते हुए नई पीढ़ी को शिक्षित करना और जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है।

ग्राम सिद्धनगर में आयोजित बौद्ध कथा एवं बौद्ध नाटक समारोह के अंतिम दिन बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश प्रमुख रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को उनके विचारों को आत्मसात करने और शिक्षा के जरिए समाज को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी गई।

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