उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मलावन थाना क्षेत्र में बिजली के खंभे पर काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने उपकेंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
अचानक बिजली आपूर्ति चालू करने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवपुरा निवासी उपेंद्र (पुत्र चंद्रपाल) बुधवार सुबह करीब 6:28 बजे बाकायदा शटडाउन लेकर बिजली के पोल पर मरम्मत कार्य के लिए चढ़े थे। आरोप है कि काम के दौरान ही अचानक बिजली की सप्लाई चालू कर दी गई। करंट का जोरदार झटका लगने से उपेंद्र बुरी तरह झुलस गए और सीधे नीचे आ गिरे।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और परिजन उन्हें एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
टोल प्लाजा पर शव रखकर प्रदर्शन
उपेंद्र की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मलावन टोल प्लाजा पर शव रखकर सड़क जाम कर दी और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पत्नी की तहरीर पर उपकेंद्र संचालक पर प्राथमिकी
मृतक की पत्नी देवकुमारी ने मलावन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जलालपुर निवासी उपकेंद्र संचालक बंटू (पुत्र लटूरी सिंह) के खिलाफ केस दर्ज किया है। देवकुमारी का कहना है कि उनके पति उर्मिला इंटरनेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तहत लाइनमैन के पद पर तैनात थे और सुबह 6:28 बजे शटडाउन लेने के बाद ही काम पर चढ़े थे, लेकिन आरोपी उपकेंद्र संचालक की लापरवाही से बिजली चालू हो गई।
मलावन थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा
रही है।









