- बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बीएसपी के दिग्गज नेता और रसड़ा से विधायक रहे स्वर्गीय उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस उर्फ यूकेश सिंह अब राजनीति के मैदान में अपनी पहली बड़ी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं।
- लखनऊ में बीएसपी सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में यूकेश सिंह की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। यह बैठक आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और प्रत्याशियों के चयन को लेकर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- यूकेश का इस बैठक में पहुंचना इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उनके पिता उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को कौन आगे बढ़ाएगा, इसको लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
- अब सवाल सीधा है—क्या 2027 के विधानसभा चुनाव में रसड़ा से बीएसपी यूकेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाएगी?
- मीडिया रिपोर्टों में यूकेश को रसड़ा से बीएसपी का संभावित उम्मीदवार बताए जाने की चर्चा तेज है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर टिकट की घोषणा नहीं की गई है।
- उमाशंकर सिंह लंबे समय तक रसड़ा की राजनीति में बीएसपी का मजबूत चेहरा रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीएसपी के इकलौते विधायक बने थे। उनके निधन के बाद रसड़ा की सीट पर बीएसपी के सामने सबसे बड़ा सवाल उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का था।
- मायावती पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि अगर परिवार चाहेगा तो वह उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का पूरा अवसर देंगी। ऐसे में यूकेश का मायावती की अहम बैठक में शामिल होना राजनीतिक तौर पर बड़ा संकेत माना जा रहा है।
- अब सबकी निगाहें रसड़ा विधानसभा सीट पर टिक गई हैं। क्या मायावती अपने पुराने सिपाही उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत उनके बेटे यूकेश सिंह को सौंपेंगी? क्या यूकेश 2027 में रसड़ा से बीएसपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरेंगे?
इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा, लेकिन इतना जरूर है कि यूकेश सिंह की राजनीति में एंट्री ने बलिया और रसड़ा की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।









